चंडीगढ़ — यमुना स्वच्छता मिशन के तहत हरियाणा सरकार ने यमुना कैचमेंट एरिया में सीवरेज शोधन और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार किया है। सरकार की प्राथमिकता प्रदूषण नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाना तथा नदी के जलस्तर और गुणवत्ता को स्वच्छ बनाए रखना है।
अधिकारियों के अनुसार, सीवरेज शोधन क्षमता बढ़ाए जाने से यमुना में जाने वाले गंदे पानी की मात्रा में कमी आएगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों में अपशिष्ट प्रबंधन को सख़्ती से लागू करने के लिए निरंतर निरीक्षण किए जा रहे हैं। नालों के पानी की गुणवत्ता की नियमित सैंपलिंग और निगरानी भी जारी है, जिससे वास्तविक समय में सुधार का आकलन किया जा सके।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने समीक्षा बैठक में प्रत्येक नाले के लिए अलग-अलग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। इन कमेटियों का कार्य प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, निगरानी, रिपोर्टिंग और समाधान सुनिश्चित करना होगा। इससे प्रदूषण नियंत्रण कार्य तेज़ और अधिक पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यमुना की सफाई और पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाना और भविष्य के लिए एक टिकाऊ जल-प्रबंधन मॉडल तैयार करना है।
स्थानीय पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि लगातार प्रयासों से यमुना की स्थिति में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।


