भारत सरकार का फ्री मोबाइल एप्लिकेशन ‘संचार साथी’ तेजी से लोगों के डिजिटल जीवन का सुरक्षा कवच बनता जा रहा है। मोबाइल फोन से जुड़ी चोरी, फर्जी सिम, धोखाधड़ी और फेक डिवाइस जैसे मुद्दों को रोकने के लिए यह ऐप एक वन-स्टॉप समाधान के तौर पर उभरा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 26 लाख से अधिक चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए जा चुके हैं, जबकि 7 लाख से ज्यादा डिवाइस उनके वास्तविक मालिकों को वापस भी मिल चुके हैं। इससे लोगों में इस ऐप के प्रति विश्वास और भी बढ़ा है।
संचार साथी क्यों है खास?
1. खोए/चोरी हुए फोन को तुरंत ब्लॉक करें
संचार साथी ऐप के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का IMEI नंबर सिर्फ 2 मिनट में ब्लॉक कर सकता है। इससे चोर फोन को न तो इस्तेमाल कर पाता है और न ही बेच सकता है।
2. TAFCOP से फर्जी सिम पर रोक
ऐप में उपलब्ध TAFCOP फीचर से उपयोगकर्ता जान सकता है कि उसके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन जारी हैं। यदि कोई अनजान या फर्जी सिम दिखाई दे, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करके बंद कराया जा सकता है।
3. नया फोन खरीदने से पहले IMEI वेरीफाई करें
सेकंड-हैंड या नया फोन खरीदने से पहले उसका IMEI चेक करने की सुविधा भी ऐप में उपलब्ध है। इससे फर्जी, चोरी के या रिफर्बिश्ड फोन से बचाव हो सकता है।
डिजिटल सुरक्षा में बड़ी पहल
सरकार का दावा है कि यह ऐप मोबाइल सुरक्षा से जुड़े मामलों में जनता को आत्मनिर्भर बना रहा है। आम लोगों से लेकर छात्र, व्यापारी और महिलाएँ तक इस ऐप का लाभ उठा रही हैं।
डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल फोन पर बढ़ती निर्भरता के बीच ‘संचार साथी’ ठगी और साइबर अपराधों के खिलाफ एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है।
लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “आप डाउनलोड करें या न करें, आपकी मर्ज़ी… मगर संचार साथी सच में आपका साथी है।”
संचार साथी: आपका डिजिटल रक्षक! 📱
भारत सरकार का फ्री Sanchar Saathi ऐप आपकी मोबाइल से संबंधित सभी समस्याओं का वन-स्टॉप समाधान है! यह ऐप आपके मोबाइल को चोरी, धोखाधड़ी और फर्जी कनेक्शन से सुरक्षित रखने में मदद करता है।
क्यों है संचार साथी जरूरी?
खोए/चोरी हुए फोन को करें ब्लॉक:… pic.twitter.com/Yki5g8JfEZ
— MyGovHaryana (@mygovharyana) December 4, 2025


