अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर वक्ताओं ने भगवान श्री कृष्ण द्वारा मानव जाति के कल्याण के लिए दिए गए उपदेशों को सदैव प्रासंगिक और मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में कहा गया कि श्रीमद्भगवद्गीता का प्रत्येक श्लोक जीवन जीने की नई प्रेरणा देता है और इसका ज्ञान केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता को सही दिशा प्रदान करता है।
वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि गीता का संदेश समय, परिस्थिति और पीढ़ियों से परे है। यह जीवन के संघर्षों में धैर्य, कर्तव्य, संतुलन और निष्काम कर्म की भावना जगाता है। इसी कारण विश्वभर के विद्वान, शोधकर्ता और आध्यात्मिक साधक गीता को एक सार्वभौमिक मार्गदर्शक ग्रंथ के रूप में स्वीकारते हैं।
वैश्विक गीता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन समिति ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम का दायरा और पहुंच दोनों अभूतपूर्व रही है।
कार्यक्रम में संबोधन देते हुए प्रतिनिधि ने कहा—
“इस वैश्विक कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का मैं हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ।”
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं, बल्कि विश्वभर में भारत की आध्यात्मिक धरोहर को भी नई पहचान दिलाते हैं।
भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा सर्व मानव जाति के कल्याण के लिए दिया गया यह उपदेश सदैव प्रासंगिक है। गीता का हर श्लोक हमें जीवन जीने की नई प्रेरणा देता है और यह संदेश न केवल भारत बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। इस वैश्विक कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी… pic.twitter.com/i0LhXJ5ATC
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 1, 2025


