करनाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में आज मुख्यमंत्री ने महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में सहभागिता की। कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वदेशी के संदेश पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, स्थानीय कला, परंपरागत उत्पाद और स्वदेशी नवाचारों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता संपूर्ण जीवन का सार है। गीता का ज्ञान विश्व को कर्तव्य, सदाचार और मानवता का पथ दिखाता है। उन्होंने बताया कि आज गीता का प्रकाश केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व के अनेक देशों में गीता महोत्सव उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रंथ है जो विश्व कल्याण, सद्भावना और सभी युगों के लिए आदर्श मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह अध्यात्म, कर्तव्यपरायणता और मानव धर्म का शाश्वत संदर्भ है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में निरंतर प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विद्यार्थी, सामाजिक संस्थाएँ और स्थानीय कलाकार उपस्थित रहे। मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति की भव्यता को प्रदर्शित किया।
आज करनाल में महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी के संदेश पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन के… pic.twitter.com/dTtb5wLiDP
— Manohar Lal (@mlkhattar) November 29, 2025


