विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में आज संविधान दिवस उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, शपथ समारोहों, संगोष्ठियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से नागरिकों को भारतीय संविधान के मूल्यों, कर्तव्यों और अधिकारों से अवगत कराया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रमों में नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने संविधान रचयिताओं को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जो स्वतंत्रता, समरसता, न्याय, समानता और भाईचारे की भावना को जीवंत करता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक के लिए एक प्रकाश-स्तंभ की तरह है, जो लोकतंत्र को सशक्त बनाता है और देश की एकता व अखंडता को सदैव सुरक्षित रखता है। साथ ही इस दिन को विकसित भारत के संकल्पों को मजबूत करने का अवसर बताया गया।
संविधान दिवस के मौके पर नागरिकों से यह आह्वान किया गया कि वे न केवल अपने अधिकारों का सम्मान करें, बल्कि अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करते हुए एक न्यायपूर्ण, आदर्श और प्रगतिशील समाज के निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रमों में युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की विशेष भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने संविधान के महत्व पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाई।
विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र भारत के गौरवशाली संविधान को समर्पित संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई।
हमारा संविधान वह प्रकाश-स्तंभ है, जो प्रत्येक नागरिक के लिए स्वतंत्रता, समरसता, न्याय और समान अवसर के मार्ग को सशक्त व सुरक्षित बनाता है। इसी महान ग्रंथ ने… pic.twitter.com/5SgSuOEQr1
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) November 26, 2025


