पावन अयोध्या धाम आज भारत की सांस्कृतिक चेतना और आस्था के एक और उत्कर्ष-बिंदु का साक्षी बना। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह अद्वितीय और अलौकिक क्षण पूरे देश में भक्ति और उल्लास की लहर लेकर आया।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और जयकारों के बीच शिखर पर ध्वज आरोहित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित साधु-संत, विशिष्ट अतिथि और हजारों श्रद्धालुओं ने “सियावर रामचंद्र की जय!” के साथ इस दिव्य क्षण का स्वागत किया।
अयोध्या के आसमान में लहराता यह ध्वज केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक वैभव, एकता और अध्यात्म की शाश्वत परंपरा का भी संदेश देता है।
पूरे शहर में विशेष पूजा-अर्चना, दीप सज्जा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण अयोध्या दिव्य व भव्य दृश्य प्रस्तुत कर रही थी।
शहर के प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए। देशभर से पहुंचे लोगों ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक बनेगा।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर का यह ध्वजारोहण उत्सव भारतीय अध्यात्म, परंपरा और श्रद्धा की नई रोशनी के रूप में याद रखा जाएगा।
आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है। सियावर रामचंद्र की जय! https://t.co/4PPt0rEnZy
— Narendra Modi (@narendramodi) November 25, 2025


