नई दिल्ली। धर्म की रक्षा और मानवाधिकारों के सम्मान के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर आज पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का माहौल रहा। गुरुद्वारों, धार्मिक स्थलों और सामाजिक संस्थाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर गुरु साहिब की शहादत को याद किया गया।
देशभर में आयोजित दीवान, शबद-कीर्तन और अरदास के माध्यम से संगत ने गुरु जी के अदम्य साहस और त्याग के संदेश को आत्मसात किया। ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए जो महान बलिदान दिया, वह इतिहास में अनोखा और शाश्वत माना जाता है।
शहीदी दिवस के अवसर पर नेताओं, धार्मिक प्रमुखों और समाजसेवियों ने गुरु जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग-भाव मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाएँ हमें अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने और सत्य के पथ पर अडिग रहने की सीख देती हैं।
गुरुद्वारों में लंगर सेवा, नगर कीर्तन और विशेष प्रवचनों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कई स्थानों पर धार्मिक यात्राएँ और शहीदी सभाएँ भी निकाली गईं।
संगत ने संकल्प लिया कि गुरु जी के आदर्शों—त्याग, साहस, सत्य और सद्भाव—को जीवन में अपनाकर समाज में एकता और मानवता का संदेश फैलाते रहेंगे।
धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर भावपूर्ण नमन।
उनकी अदम्य त्याग-भावना और बलिदान सदैव मानवता को साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। pic.twitter.com/WRfxCfJmGC
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) November 24, 2025


