चंडीगढ़, 20 नवंबर — 72वें सहकारिता सप्ताह के राज्य स्तरीय समापन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और सामाजिक ढांचा सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता न सिर्फ आर्थिक प्रगति का माध्यम है, बल्कि यह समाज में सहभागिता और समानता की भावना को भी मजबूत करती है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा सहकारिता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। राज्य में कृषि, डेयरी, बैंकिंग और ग्रामीण विकास से जुड़े सहकारी संस्थानों ने नई कार्य पद्धतियों और पारदर्शिता के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
समारोह में बड़ी संख्या में सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और विद्यार्थी मौजूद रहे। इस अवसर पर विभिन्न सहकारी समितियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया।
समापन में राज्यपाल ने सभी को सहकारिता की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज और देश को प्रगतिशील दिशा में ले जा सकते हैं।
72वें सहकारिता सप्ताह के राज्य स्तरीय समापन समारोह में राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष का संबोधन-
"सहकारिता आंदोलन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलकर और रोजगार बढ़ाकर समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरियाणा सहकारिता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।"#Haryana pic.twitter.com/2drjc2tDf9
— DPR Haryana (@DiprHaryana) November 20, 2025


