मूड स्विंग्स क्या हैं? जानें इसके कारण, लक्षण और कैसे ये मेंटल हेल्थ को प्रभावित करते हैं। तनाव और हार्मोनल बदलाव से बचाव के आसान उपाय भी पढ़ें।
आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में तनाव और मूड स्विंग्स एक सामान्य समस्या बन चुकी है। मूड स्विंग का मतलब है अचानक और अप्रत्याशित रूप से मूड का बदलना, जो दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन के कारण होता है। किशोरावस्था, गर्भावस्था, मेनोपॉज जैसे हार्मोनल बदलाव के समय भी मूड स्विंग्स आम हैं। आम धारणा यह है कि मूड स्विंग्स केवल बाइपोलर डिसऑर्डर का हिस्सा होते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। मूड स्विंग्स के कई कारण हो सकते हैं और इसका प्रभाव व्यक्ति के व्यवहार और रिश्तों पर भी पड़ता है।
मूड स्विंग्स क्या हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, मूड स्विंग्स अचानक मूड बदलने की स्थिति है, जैसे अचानक खुशी से उदासी या चिड़चिड़ापन में बदल जाना। यह दिमाग में केमिकल न्यूरोट्रांसमीटर के उतार-चढ़ाव के कारण होता है। कभी-कभी मूड स्विंग्स भूख लगने, व्यायाम या मज़ेदार गतिविधियों के कारण भी होते हैं, लेकिन बार-बार और बिना कारण मूड बदलना चिंता का विषय हो सकता है। यदि यह आपके दैनिक जीवन, रिश्तों या काम पर असर डालता है, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
मूड स्विंग्स के प्रमुख कारण
किशोरावस्था: हार्मोनल बदलाव से मूड में उतार-चढ़ाव होता है।
गर्भावस्था और प्रसवोत्तर: थकान, नींद की कमी और नई जिम्मेदारियां मूड को प्रभावित करती हैं।
मेनोपॉज: एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलाव मूड स्विंग्स का कारण बनता है।
मस्तिष्क संबंधी बीमारियां: अल्जाइमर, डिमेंशिया, ब्रेन ट्यूमर।
ब्लड शुगर की समस्या: डायबिटीज या लो शुगर लेवल मूड को बिगाड़ सकता है।
माइग्रेन और थायरॉइड की समस्या: सिरदर्द और थायरॉइड हार्मोन असंतुलन से मूड चिड़चिड़ा हो सकता है।
नींद की कमी और सिर पर चोट: ये भी मूड स्विंग्स का कारण बन सकते हैं।
महिलाओं के पीरियड्स के दौरान: हार्मोन बदलाव मूड को प्रभावित करते हैं।
मूड स्विंग्स से जुड़ी मानसिक बीमारियां
डिप्रेशन
बाइपोलर डिसऑर्डर
एंग्जायटी (घबराहट)
ध्यान की कमी
ईटिंग डिसऑर्डर
किसी सदमे के बाद का तनाव
मूड स्विंग्स के लक्षण
ऊर्जा की कमी और लगातार थकान महसूस होना
भूख में बदलाव – ज्यादा या कम खाना
नींद न आना या अत्यधिक नींद आना
बेचैनी और उदासी
याददाश्त कमजोर होना
आत्मविश्वास में कमी
कैसे बचें मूड स्विंग्स से?
मूड स्विंग्स को समझना और सही समय पर इलाज कराना जरूरी है। तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और नियमित व्यायाम मददगार होते हैं। यदि मूड स्विंग्स ज्यादा गंभीर हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।


