कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जानें इसकी वजह, खतरे और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के आसान घरेलू और मेडिकल उपाय इस आर्टिकल में।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खानपान की आदतों के चलते हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आम होती जा रही है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल नहीं किया गया, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, और ब्लड प्रेशर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है।
कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसकी अधिकता से धमनियों में ब्लॉकेज और रक्त प्रवाह में रुकावट आ सकती है। चलिए जानते हैं कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण और इसे कंट्रोल करने के वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक उपाय।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली 5 बुरी आदतें
1. ज्यादा जंक और प्रोसेस्ड फूड खाना: पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और पैकेज्ड स्नैक्स में मौजूद ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट, LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाते हैं।
2. मीठा और रिफाइंड कार्ब्स का अत्यधिक सेवन: कोल्ड ड्रिंक, केक, पेस्ट्री, सफेद ब्रेड आदि ब्लड शुगर के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी असंतुलित करते हैं।
3. शारीरिक गतिविधि की कमी: लंबे समय तक बैठना और एक्सरसाइज न करना, फैट जमा होने का कारण बनता है, जिससे गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) घटता और बेड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ता है।
4. धूम्रपान और शराब का सेवन: स्मोकिंग से हृदय की सेहत बिगड़ती है और शराब से ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल का एक अन्य रूप है।
5. तनाव और नींद की कमी: लगातार तनाव और 6-8 घंटे से कम नींद, शरीर में कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन को बढ़ाते हैं, जिससे लिपिड मेटाबोलिज्म गड़बड़ाता है।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के असरदार उपाय
1. हेल्दी डाइट लें
रोजाना हरी सब्जियां, फल, ओट्स, ब्राउन राइस और फाइबर रिच फूड को डाइट में शामिल करें।
घी, बटर और डीप फ्राइड चीजों से दूरी बनाएं।
हेल्दी फैट जैसे ऑलिव ऑयल, अलसी के बीज (Flaxseeds), और बादाम, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स लें।
2. नियमित व्यायाम करें
रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या कार्डियो करें।
एक्सरसाइज से HDL बढ़ता है और LDL घटता है।
3. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
तंबाकू और शराब पूरी तरह छोड़ना दिल की सेहत के लिए सबसे जरूरी कदम है।
4. तनाव को मैनेज करें
मेडिटेशन, प्राणायाम और गहरी नींद से स्ट्रेस हार्मोन को कम किया जा सकता है।
5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
हर 6–12 महीने में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराएं और डॉक्टर से परामर्श लें।
जरूरत पड़ने पर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल मेडिसिन शुरू करें।


