जानिए WHO के अनुसार एक दिन में कितनी मात्रा में विटामिन लेना जरूरी है। विटामिन्स की भूमिका, दैनिक आवश्यकता और हेल्दी डाइट प्लान को जानें इस हेल्थ गाइड में।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान के चलते लोग छोटी उम्र में ही कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इन बीमारियों की एक बड़ी वजह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों, खासकर विटामिन्स की कमी है। विटामिन्स न केवल शरीर की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखते हैं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हमें रोजाना कितनी मात्रा में विटामिन्स की जरूरत होती है? इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। आइए जानते हैं कि एक दिन में कौन-कौन से विटामिन्स की कितनी मात्रा लेनी चाहिए और यह सेहत के लिए क्यों जरूरी हैं।
विटामिन्स क्यों हैं ज़रूरी?
विटामिन्स शरीर के लिए ईंधन का काम करते हैं। ये शरीर के हार्मोन बैलेंस, इम्यून सिस्टम, कोशिकाओं की मरम्मत और ऊर्जा उत्पादन जैसे अहम कार्यों में योगदान देते हैं। विटामिन्स की सही मात्रा शरीर को बीमारियों से बचाने के साथ-साथ त्वचा, आंखों, बालों और हड्डियों की सेहत को भी बेहतर बनाती है।
WHO के अनुसार वयस्कों के लिए जरूरी विटामिन्स और उनकी मात्रा
1. विटामिन D: यह विटामिन हड्डियों की मजबूती और इम्यून सिस्टम के बेहतर कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और थकान महसूस हो सकती है।
- रोजाना आवश्यकता: 10 माइक्रोग्राम
2. विटामिन A: यह आंखों की रोशनी, त्वचा की सेहत और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है।
- महिलाओं के लिए: 600 माइक्रोग्राम, पुरुषों के लिए: 700 माइक्रोग्राम
3. विटामिन E: यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है।
- रोजाना आवश्यकता: 10 मिलीग्राम
4. विटामिन K: यह रक्त जमने (ब्लड क्लॉटिंग) में मदद करता है और हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखता है।
- रोजाना आवश्यकता: महिलाओं के लिए: 90 माइक्रोग्राम, पुरुषों के लिए: 120 माइक्रोग्राम
5. विटामिन B6: यह ब्रेन हेल्थ और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक है।
- रोजाना आवश्यकता: 1.6 से 1.8 मिलीग्राम
6. विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन): यह शरीर में ऊर्जा के निर्माण और त्वचा की सेहत के लिए जरूरी है।
- रोजाना आवश्यकता: 1.6 से 2.0 मिलीग्राम
क्या विटामिन्स का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि विशेष रूप से वसा में घुलनशील विटामिन्स – जैसे A, D, E और K – यदि ज़रूरत से ज़्यादा लिए जाएं, तो यह शरीर में जमा होकर विटामिन टॉक्सिसिटी का कारण बन सकते हैं। इससे लिवर डैमेज, मांसपेशियों में कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
विटामिन्स की पूर्ति के लिए डाइट में क्या शामिल करें?
हरी सब्जियां: पालक, ब्रोकली, मेथी
फल: अमरूद, संतरा, पपीता, सेब
साबुत अनाज और दालें
दूध, दही, पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स
नट्स और बीज: अखरोट, बादाम, अलसी
इन प्राकृतिक स्रोतों से विटामिन्स की कमी को पूरा किया जा सकता है। अगर किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डाइट से जरूरत पूरी नहीं हो पा रही हो, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लिया जा सकता है।
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