मस्सों का कारण और उपचार: शरीर में मस्से निकलने के कारण, खतरे की पहचान और प्रभावी इलाज जानिए। मस्से बढ़ने या दर्द होने पर कब डॉक्टर से संपर्क करें और घरेलू उपाय कैसे करें, पूरी जानकारी इस आर्टिकल में पढ़ें।
मस्सों का कारण और उपचार: शरीर पर उभरे छोटे-छोटे मस्से (Warts) सिर्फ सौंदर्य संबंधी समस्या नहीं होते, बल्कि ये कई बार शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव या कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत भी हो सकते हैं। अक्सर ये गर्दन, हाथ-पैर, या चेहरे पर नजर आते हैं और दर्द या खुजली तो नहीं होती, लेकिन ये देखने में असहज जरूर लगते हैं।
मस्से निकलने के प्रमुख कारण
वायरल संक्रमण: ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) मस्सों का सबसे आम कारण है। यह वायरस त्वचा की ऊपरी सतह को प्रभावित करता है।
हार्मोनल असंतुलन: प्रेगनेंसी, थायरॉइड समस्याएं, मेनोपॉज़ के दौरान हार्मोन बदलने से मस्से उभर सकते हैं।
मोटापा और घर्षण: गर्दन, बगल, पेट जैसे स्थानों पर त्वचा के लगातार रगड़ने से मस्सों का खतरा बढ़ जाता है।
डायबिटीज और इंसुलिन रेसिस्टेंस: ब्लड शुगर बढ़ने से भी मस्से बनने की संभावना बढ़ती है।
कब समझें कि मस्से खतरनाक हैं?
यदि मस्सा तेज़ी से बढ़ रहा हो, उसमें खून आ रहा हो, दर्द हो रहा हो, या उसका रंग-बनावट बदल रही हो तो यह खतरे की निशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
मस्सों का इलाज कैसे करें?
एप्पल साइडर विनेगर: रोजाना कॉटन की मदद से मस्से पर लगाने से मस्सा सूखने लगता है।
लहसुन का रस: इसमें एंटीवायरल गुण होते हैं, जो वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं।
चिकित्सकीय उपचार: क्रीम, क्रीयोथेरेपी, लेजर थेरेपी आदि डॉक्टर की सलाह पर ही करवाएं।
मस्सों से बचाव के आसान तरीके
त्वचा को साफ-सुथरा और सूखा रखें।
ज्यादा घर्षण वाले कपड़े न पहनें।
ब्लड शुगर नियंत्रण में रखें।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं।


