सावन सोमवार व्रत नियम: सावन सोमवार 2025 पर जानें शिव पूजा की सही विधि, व्रत नियम और शुभ मुहूर्त। इस पवित्र दिन शिवलिंग का जलाभिषेक और रात्रि जागरण कैसे करें, पूरी जानकारी पढ़ें।
सावन सोमवार व्रत नियम: सावन सोमवार का हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान है। सावन माह, जिसे श्रावण भी कहा जाता है, भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान सोमवार का दिन विशेष पूजा-अर्चना के लिए माना जाता है। सावन 2025 की शुरुआत 11 जुलाई से हो चुकी है, और इस दौरान कुल चार सोमवार आते हैं। दूसरे सावन सोमवार का व्रत 21 जुलाई 2025 को है, जबकि तीसरा और चौथा सोमवार क्रमशः 28 जुलाई और 4 अगस्त को मनाया जाएगा।
सावन सोमवार का महत्व
सावन सोमवार को शिवभक्त उपवास रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और अन्य पूजा अनुष्ठान करते हैं। यह दिन आध्यात्मिक विकास और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। सावन सोमवार के व्रत से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों के कष्ट दूर होते हैं।
सावन सोमवार पूजा विधि और अनुष्ठान
स्नान और संकल्प: सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें।
शिवलिंग का जलाभिषेक: गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी से बना पंचामृत शिवलिंग पर चढ़ाएं।
फूल और प्रसाद अर्पण: बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल, चंदन, फल और धूप दीप अर्पित करें।
मंत्र जाप: ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महा मृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें।
रात्रि जागरण: रात में जागकर शिव भजन गाएं या शिव पुराण का पाठ करें।
व्रत पारण: अगले दिन शुभ मुहूर्त में व्रत खोलें।
सावन सोमवार व्रत के नियम
पूजा करते समय अशुद्ध या काले कपड़े न पहनें।
पूजा के दौरान मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
शिव पूजन करते समय आसन पर बैठें, खड़े होकर नहीं।
केवल सात्विक और शुद्ध चीज़ें शिवजी को अर्पित करें।
सावन सोमवार 2025 का यह व्रत भक्तों के लिए भगवान शिव की विशेष कृपा और आशीर्वाद लेकर आता है। इस पावन दिन की विधिपूर्वक पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।


