Dental Care Tips: ब्रश करते समय होने वाली आम गलतियों से बचें और जानें सही ब्रशिंग तकनीक। दांतों की सेंसिटिविटी, मसूड़ों की सूजन और कैविटी से बचने के लिए जरूरी डेंटल केयर टिप्स।
Dental Care Tips: अधिकांश लोग ब्रशिंग करते समय अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनसे दांत और मसूड़ों को नुकसान पहुंचता है। ये गलतियां दांतों की सेंसिटिविटी, मसूड़ों की सूजन और कैविटी जैसी समस्याओं को बढ़ावा देती हैं। इस लेख में जानिए ब्रश करते समय कौन-कौन सी गलतियां सामान्य हैं और इन्हें कैसे टाला जाए ताकि आपके दांत लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बने रहें।
ब्रश करते समय होने वाली आम गलतियां
जोर से ब्रश करना: तेजी से या जोर-जोर से ब्रश करने से दांतों की बाहरी परत (इनेमल) घिस सकती है और मसूड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे दांत सेंसिटिव हो जाते हैं और मसूड़ों में खून आ सकता है।
कठोर ब्रश का इस्तेमाल: सख्त ब्रिसल्स वाला टूथब्रश मसूड़ों की नाज़ुक त्वचा को चोट पहुंचा सकता है। इसलिए हमेशा मुलायम ब्रिसल्स वाला ब्रश चुनें।
जल्दबाजी में ब्रश करना: कम समय में ब्रश करना दांतों की अच्छी सफाई नहीं कर पाता। कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करना जरूरी है ताकि हर जगह प्लाक हट सके।
अनियमित ब्रशिंग: दिन में दो बार ब्रश न करना या रात को ब्रश किए बिना सो जाना दांतों के लिए हानिकारक होता है। रात में बिना ब्रश किए सोने से बैक्टीरिया बढ़ते हैं और कैविटी का खतरा होता है।
पुराना ब्रश उपयोग करना: 3-4 महीने से ज्यादा पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल न करें। पुराने ब्रश में बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जो मुंह की बदबू और संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
ब्रशिंग गलतियों से दांतों को होने वाला नुकसान
इनेमल घिसने से दांत सेंसिटिव हो जाते हैं।
मसूड़ों में सूजन, जिंजिवाइटिस और पेरियोडॉन्टाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
प्लाक और टार्टर जमा होकर कैविटी और दांत सड़ने लगते हैं।
पुराने ब्रश से मुंह में बैक्टीरिया फैलते हैं जिससे संक्रमण का खतरा रहता है।
सही ब्रशिंग तकनीक और सुझाव
मुलायम ब्रिसल्स वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें।
दिन में कम से कम दो बार, 2 मिनट तक ब्रश करें।
ब्रश को 45 डिग्री के कोण पर रखकर हल्के गोलाकार गति में दांत साफ करें।
मसूड़ों और जीभ की सफाई भी करें।
हर 3-4 महीने में टूथब्रश बदलें।
फ्लॉस और माउथवॉश का उपयोग प्लाक हटाने में मदद करता है।
मीठे और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचें ताकि दांतों को नुकसान न हो।
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