Ashadha Purnima 2025 पर करें मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष पूजा, जानें धन वृद्धि और पारिवारिक शांति के लिए प्रभावशाली उपाय। इस पावन दिन सत्यनारायण कथा का महत्व भी जानें।
Ashadha Purnima 2025: आषाढ़ पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई 2025 को एक साथ मनाई जाएगी। इस पावन दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन-समृद्धि, शुभता और गुरु की कृपा प्राप्त होती है। आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को स्नान, दान और विशेष पूजा का अत्यधिक महत्व माना गया है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र है, बल्कि सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ाने का भी शुभ अवसर है।
पूर्णिमा की शीतल चंद्रमा की किरणें वातावरण को शुद्ध करती हैं, इसलिए इस रात मां लक्ष्मी व विष्णु की पूजा से विशेष फल मिलता है। यदि आप आर्थिक समस्याओं, गृह क्लेश या कार्य बाधाओं से जूझ रहे हैं, तो आषाढ़ पूर्णिमा के ये सरल उपाय आपके लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।
आषाढ़ पूर्णिमा पर करें ये प्रभावशाली उपाय
परिवार में शांति लाएं: इस दिन भगवान विष्णु को सफेद चंदन से तिलक लगाकर पूजा करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। शाम को घर में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति बढ़ती है।
धन लाभ के लिए विशेष पूजा: मां लक्ष्मी को लाल फूल और खीर अर्पित करें तथा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। इससे आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और धन लाभ के योग मजबूत होते हैं।
कौड़ी का उपाय: 11 कौड़ियों पर हल्दी लगाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें, घी का दीपक जलाएं और लक्ष्मी चालीसा पढ़ें। पूजा के बाद कौड़ियों को तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखें। यह उपाय धन वृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाता है।
सत्यनारायण कथा का आयोजन: आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा करवाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह नकारात्मकता दूर कर जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।
आषाढ़ पूर्णिमा का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा को आध्यात्मिक शुद्धि का दिन माना जाता है। मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा से न केवल धन-संपत्ति में वृद्धि होती है, बल्कि घर में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है। यह दिन विशेष रूप से आर्थिक समृद्धि, परिवार की खुशहाली और गुरु की कृपा के लिए उत्तम अवसर प्रदान करता है।


