Health Tips: अगर पैरों में लगातार सूजन बनी रहती है तो इसे हल्के में न लें। जानें पैरों में सूजन के सामान्य कारण, गंभीर बीमारियां और कब करें डॉक्टर से सलाह।
Health Tips: पैरों में लगातार सूजन आना यानी एडिमा आम समस्या लग सकती है, लेकिन यह कई बार गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। खासकर जब आराम करने के बाद भी सूजन कम न हो या सुबह उठते ही सूजन बनी रहे, तो सावधानी जरूरी है।
पैरों में सूजन के सामान्य कारण
लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना: ब्लड सर्कुलेशन धीमा होने से पैरों में पानी और खून जमा हो जाता है।
गर्भावस्था: बढ़े हुए वजन और गर्भाशय के दबाव से सूजन होती है।
मोटापा: ज्यादा वजन पैरों पर दबाव डालता है और सूजन बढ़ाता है।
चोट या मोच: पैरों या टखने में चोट लगने पर सूजन आ सकती है।
कुछ दवाएं: ब्लड प्रेशर की दवाएं, स्टेरॉयड्स और हार्मोनल दवाएं सूजन का कारण बन सकती हैं।
नमक का अधिक सेवन: अधिक नमक से शरीर में पानी रुक जाता है, जिससे सूजन होती है।
पैरों की सूजन किन गंभीर बीमारियों का हो सकती है संकेत?
1. दिल की बीमारी
कमजोर दिल खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता, जिससे खून नसों में जमा हो जाता है और पैरों में सूजन आती है। साथ में सांस फूलना, थकान और कमजोरी भी हो सकती है।
2. किडनी की समस्या
किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकल पाता, जिससे पैरों, टखनों और आंखों के आसपास सूजन हो जाती है।
3. लीवर की बीमारी
लीवर में एल्बुमिन प्रोटीन कम बनने से शरीर के ऊतकों में पानी जमा हो जाता है, जिससे पैरों, पेट और अन्य हिस्सों में सूजन आ सकती है।
4. थायरॉयड की कमी
थायरॉयड कम सक्रिय होने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं और पैरों व चेहरे पर सूजन दिख सकती है।
5. खून के थक्के
पैरों की नसों में खून का थक्का जमना एक गंभीर समस्या है, जिससे अचानक सूजन, दर्द, गर्माहट और लालिमा हो सकती है। यह इमरजेंसी की स्थिति होती है।
6. लिम्फेडिमा
लिम्फेटिक सिस्टम खराब होने से तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे पैरों में सूजन बनी रहती है। यह कैंसर इलाज या संक्रमण के बाद हो सकता है।
7. वेरिकोस वेन्स
पैरों की नसें कमजोर हो जाएं या वॉल्व खराब हो जाएं तो खून वापस दिल की तरफ नहीं जा पाता, जिससे सूजन होती है, खासकर दिन के अंत में।
कब डॉक्टर से दिखाएं?
अगर पैरों की सूजन के साथ निम्न लक्षण हों तो तुरंत मेडिकल सलाह लें:
सूजन अचानक या तेजी से बढ़ जाए।
सूजन के साथ दर्द, लालिमा या गर्माहट हो।
केवल एक पैर में सूजन हो।
सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या चक्कर आएं।
सूजन के साथ बुखार हो।
गर्भावस्था में अचानक सूजन बढ़ जाए।
पैरों की सूजन से बचाव के टिप्स
ज्यादा देर तक खड़े या बैठे न रहें, बीच-बीच में टहलें।
नमक का सेवन कम करें।
संतुलित आहार और वजन नियंत्रित रखें।
आराम करते समय पैरों को ऊंचा रखें।
डॉक्टर की सलाह से नियमित जांच कराएं।
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