RO Water Health Risks & Benefits: RO Water सेहत के लिए कितना सही है? जानें RO वॉटर प्यूरीफायर के फायदे और नुकसान, मिनरल डिफिशियेंसी, हार्ट डिजीज और हड्डियों पर प्रभाव के बारे में पूरी जानकारी।
RO Water Health Risks & Benefits in Hindi: आज के समय में हर घर में RO वॉटर प्यूरीफायर आम हो गया है। यह तकनीक पानी को शुद्ध बनाने का दावा करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा RO का पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है?
इस लेख में जानिए RO Water के फायदे, नुकसान और सेहत पर प्रभाव के बारे में, ताकि आप informed decision ले सकें।
RO Water Purifier कैसे करता है पानी साफ?
RO यानी रिवर्स ऑस्मोसिस तकनीक के जरिए पानी को एक semi-permeable membrane से प्रेशर के साथ गुजारा जाता है। इससे पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस, आर्सेनिक, लेड और क्लोरीन जैसे हानिकारक तत्व बाहर हो जाते हैं। लेकिन इसके साथ ही, पानी से जरूरी मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और सोडियम भी बाहर निकल जाते हैं।
WHO के अनुसार, पीने के पानी में TDS (Total Dissolved Solids) का न्यूनतम स्तर 100 mg/L होना चाहिए, लेकिन RO पानी में यह 50 mg/L से भी कम हो सकता है।
RO पानी पीने के फायदे
हानिकारक तत्वों से सुरक्षा – RO तकनीक से लेड, आर्सेनिक, कीटनाशक और माइक्रोबियल प्रदूषण हट जाते हैं।
बेहतर स्वाद और गंधहीन पानी – क्लोरीन और अन्य दूषित तत्वों के हटने से पानी का स्वाद सुधरता है।
बीमारियों से बचाव – डायरिया, टाइफाइड, हैजा जैसे जलजनित रोगों से बचने में मदद करता है।
विशेषज्ञ की राय: डॉ. रमेश शर्मा (जनरल फिजिशियन, दिल्ली) के अनुसार, भारत में भूजल प्रदूषण के चलते RO एक प्रभावी समाधान हो सकता है।
RO Water पीने के नुकसान
1. Mineral Deficiency (खनिजों की कमी): RO पानी से ज़रूरी मिनरल्स हटा दिए जाते हैं, जो हड्डियों, दिल और मांसपेशियों के लिए जरूरी होते हैं। डॉ. प्रिया वर्मा (Nutrition Expert, दिल्ली) कहती हैं कि यह समस्या खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर हो सकती है।
2. दिल की बीमारियों का खतरा: मैग्नीशियम की कमी से हाई ब्लड प्रेशर और अनियमित हार्ट बीट हो सकती है।
3. कमजोर हड्डियां और पाचन समस्याएं: RO का पानी हल्का अम्लीय होता है (pH 6.0–6.5), जो पेट में एसिड रिफ्लक्स और अपच जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
क्या कहती हैं रिसर्च और WHO रिपोर्ट?
WHO ने 2019 में स्पष्ट किया कि न्यूनतम मिनरल युक्त पानी का सेवन लंबे समय तक करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। खासकर, कम TDS वाला पानी लगातार पीने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
क्या करें? RO पानी को कैसे सेहतमंद बनाएं?
TDS Remineralizer Cartridge का उपयोग करें जो RO के बाद मिनरल्स को दोबारा जोड़ता है।
RO से निकलने वाले पानी को जांचें – सुनिश्चित करें कि TDS 100 mg/L से ऊपर हो।
हफ्ते में एक-दो बार साधारण मिनरल वॉटर का सेवन करें।
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