LIC Surrender Policy New Rules: IRDAI ने LIC पॉलिसी के सरेंडर नियमों में बदलाव किया है। 1 अक्टूबर 2024 से लागू नियमों के तहत अब पॉलिसी बीच में छोड़ने पर 20-30% ज्यादा रकम मिलेगी। जानिए नए नियम और फायदे।
LIC Surrender Policy New Rules: अगर आपने LIC की पॉलिसी ली है और भविष्य में किसी वजह से इसे बीच में सरेंडर करना पड़े, तो अब नुकसान नहीं होगा। IRDAI (भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण) ने सरेंडर वैल्यू से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू होंगे और इससे पॉलिसीधारकों को पहले के मुकाबले 20-30% तक ज्यादा पैसा मिलेगा।
क्या होती है सरेंडर वैल्यू?
Surrender Value वह रकम होती है, जो बीमा कंपनी तब देती है जब ग्राहक अपनी पॉलिसी मैच्योरिटी से पहले बंद कर देता है। इसका मूल्य इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने साल तक प्रीमियम भरा है और पॉलिसी किस प्रकार की है।
IRDAI के नए बदलावों की मुख्य बातें:
अब सभी एंडोमेंट पॉलिसियों पर स्पेशल सरेंडर वैल्यू (SSV) लागू होगी।
पहले दो साल तक सरेंडर करने पर कोई पैसा नहीं मिलता था, अब एक साल बाद ही आंशिक राशि मिल सकेगी।
पुराने नियमों की तुलना में अब सरेंडर पर 20-30% ज्यादा रकम मिलेगी।
उदाहरण से समझें कितना पैसा मिलेगा:
| प्रीमियम भुगतान की अवधि | पुरानी सरेंडर वैल्यू | नई सरेंडर वैल्यू |
|---|---|---|
| 4 साल | ₹2.4 लाख | ₹3.1 लाख |
| 1 साल | ₹0 | ₹62,000 |
नए सरेंडर फॉर्मूले की खासियत:
सरेंडर वैल्यू कैलकुलेशन अब 10 साल के सरकारी बॉन्ड की ब्याज दर पर आधारित होगी।
बीमा कंपनियां अधिकतम 0.50% मार्जिन जोड़ सकती हैं।
यह नियम सिंगल प्रीमियम और 5 साल से कम अवधि की पॉलिसियों पर भी लागू होगा।
कैसे करें पॉलिसी सरेंडर?
सबसे पहले LIC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सरेंडर वैल्यू कैलकुलेटर का उपयोग करें।
फिर नजदीकी LIC ब्रांच में जाकर फॉर्म 5074 भरें।
साथ में अपने KYC डॉक्यूमेंट्स और पॉलिसी डिटेल्स जरूर लेकर जाएं।
किस पर लागू होंगे ये नए नियम?
1 अक्टूबर 2024 के बाद शुरू की गई पॉलिसियों पर ही नए नियम लागू होंगे।
पुरानी पॉलिसियों पर अभी भी पुराने नियम ही मान्य रहेंगे।
IRDAI के इस कदम का उद्देश्य:
पॉलिसीधारकों को आर्थिक नुकसान से बचाना।
बीमा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना।
ग्राहकों को पहले से जानकारी देना कि पॉलिसी छोड़ने पर कितनी राशि वापस मिलेगी।
क्या करें: सरेंडर या पेड-अप?
अगर आपकी पॉलिसी अभी चालू है और आप सरेंडर करने का सोच रहे हैं, तो पहले LIC एजेंट या सलाहकार से सलाह जरूर लें। अगर संभव हो तो पॉलिसी को Paid-Up Mode में कन्वर्ट करें ताकि भविष्य में कुछ लाभ बना रहे।
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