SEBI New Rules 2025: SEBI ने PSU कंपनियों को शेयर बाजार से हटने की छूट दी, स्टार्टअप फाउंडर्स को ESOP होल्ड करने की अनुमति। जानें नए नियम और उनके फायदे।
SEBI New Rules 2025: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 19 जून 2025 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देना, PSU कंपनियों को फ्लेक्सिबिलिटी देना और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में IPO से जुड़े नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया गया।
Startup Founders को ESOP रखने की अनुमति
अब वे स्टार्टअप फाउंडर जो अपनी कंपनी को IPO लाने की तैयारी में हैं, उन्हें ESOP (Employee Stock Option Plan) होल्ड करने की छूट मिल गई है।
DRHP (Draft Red Herring Prospectus) फाइल करने से कम से कम एक साल पहले दिए गए ESOP अब फाउंडर्स अपने पास रख सकते हैं।
पहले प्रोमोटर की श्रेणी में आने के कारण उन्हें यह अनुमति नहीं थी।
इस फैसले से उन फाउंडर्स को राहत मिलेगी जो कम सैलरी पर सिर्फ इक्विटी में काम कर रहे थे।
यह बदलाव स्टार्टअप्स को लॉन्ग टर्म ग्रोथ की दिशा में और मजबूत बनाएगा।
PSU कंपनियों के लिए आसान हुई Delisting प्रक्रिया
अब जिन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) में सरकार की हिस्सेदारी 90% या उससे अधिक है, वे स्वैच्छिक रूप से शेयर बाजार से डीलिस्ट हो सकती हैं।
इस प्रक्रिया के लिए अब शेयरहोल्डर अप्रूवल पर्याप्त होगा।
पहले डीलिस्टिंग का प्रोसेस बेहद जटिल और मुश्किल माना जाता था।
नया नियम सरकारी कंपनियों को अपनी रणनीतिक योजनाओं के अनुसार फ्लेक्सिबिलिटी देगा।
विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे बॉन्ड इनवेस्टमेंट नियम
सेबी ने उन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए नियम आसान किए हैं जो केवल भारतीय गवर्नमेंट बॉन्ड्स में निवेश करना चाहते हैं।
जोखिम कम होने की वजह से इन निवेशकों के लिए रजिस्ट्रेशन और अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।
इससे भारत के डेट मार्केट में विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा।
AIF (FIF) के सह-निवेश नियमों में बदलाव
Alternative Investment Funds (AIF) और Foreign Investment Funds (FIF) में सह-निवेश को लेकर सेबी ने नई सुविधा दी है।
अब बड़े निवेशक उन्हीं कंपनियों में सीधा निवेश कर सकते हैं, जिनमें AIF पहले से निवेश कर चुका है।
इससे हाई नेट-वर्थ इन्वेस्टर्स (HNIs) को बेहतर डील्स में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर मिलेगा।
IPO दस्तावेजों के लिए Demat शेयर अनिवार्य
SEBI ने निर्देश दिया है कि IPO लाने से पहले:
कंपनी के डायरेक्टर्स, की मैनेजमेंट पर्सनल और चुनिंदा शेयरधारकों के पास के शेयर अब अनिवार्य रूप से डिमैट फॉर्म में होने चाहिए।
इससे IPO प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगी।
For more news: Business


