Sunjay Kapur Succession: करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर की मौत के बाद उठे सवाल – कौन बनेगा उनकी ₹10,300 करोड़ की संपत्ति का वारिस? जानिए प्रिया सचदेव और बच्चों का रोल।
Sunjay Kapur Succession: मशहूर उद्योगपति और बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर का 12 जून को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह ऑटो कंपोनेंट निर्माता कंपनी Sona Comstar के मालिक और एक अरबपति (बिलेनियर) बिजनेसमैन थे। संजय कपूर की अचानक हुई मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि ₹10,300 करोड़ की संपत्ति का वारिस आखिर कौन बनेगा?
संजय कपूर की मौत के बाद उठे सवाल: कौन होगा उनकी संपत्ति का हकदार?
फोर्ब्स के मुताबिक, संजय कपूर की मृत्यु के समय उनकी कुल संपत्ति $1.2 बिलियन (लगभग ₹10,300 करोड़) थी। साल 2022 और 2024 के बीच उनकी नेटवर्थ ₹13,000 करोड़ तक पहुंची थी। लेकिन अब जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है, तो उनकी संपत्ति का उत्तराधिकारी कौन होगा, इस पर बहस तेज हो गई है।
तीन शादियों और चार बच्चों के बाद भी वसीयत अधूरी!
पहली पत्नी – नंदिता महतानी:
1996 में संजय ने डिजाइनर नंदिता महतानी से शादी की थी, लेकिन 2000 में उनका तलाक हो गया। इस शादी से उनका कोई बच्चा नहीं है।
दूसरी पत्नी – करिश्मा कपूर:
2003 में संजय ने बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर से शादी की। इस कपल के दो बच्चे हैं – समायरा और कियान। तलाक 2016 में हुआ, जिसमें करिश्मा को ₹70 करोड़ की एलिमनी और बच्चों के नाम पर ₹14 करोड़ के बॉन्ड दिए गए थे।
तीसरी पत्नी – प्रिया सचदेव:
2017 में संजय ने प्रिया सचदेव से तीसरी शादी की। प्रिया की पहली शादी से एक बेटी सफीरा है और संजय से एक बेटा अजारियस। संजय ने सौतेली बेटी को भी अपनाया था और परिवार के सभी बच्चों की ज़िम्मेदारी उठाई।
Sona Comstar का वारिस कौन?
कानूनी रूप से, संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति और बिजनेस की ज़िम्मेदारी उनकी मौजूदा पत्नी प्रिया सचदेव को सौंपी जाएगी। हालांकि, करिश्मा कपूर से हुए बच्चों समायरा और कियान को भी उत्तराधिकार अधिनियम के तहत वारिस के रूप में कंसीडर किया जा सकता है।
क्या प्रिया सचदेव होंगी एकमात्र उत्तराधिकारी?
हालांकि संजय कपूर की आधिकारिक वसीयत (Will) सामने नहीं आई है, लेकिन यदि उन्होंने प्रिया सचदेव को कानूनी रूप से नामित किया है, तो संपत्ति की प्राथमिक उत्तराधिकारी वही होंगी। लेकिन यदि कोई वसीयत नहीं है, तो भारतीय उत्तराधिकार कानून के तहत सभी वैध बच्चे संपत्ति में हिस्सा पाने के हकदार माने जाएंगे।
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