Oil Prices: ईरान पर इजरायल के हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10% की वृद्धि हुई, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी।
Oil Prices: 2025 में, इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल स्थलों पर एक बड़ा हमला किया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में 10% की वृद्धि हुई और वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई।
इजरायल का हमला और तेल की कीमतों में उछाल
इजरायल ने 13 जून को ईरान के 100 से अधिक सैन्य और परमाणु स्थलों पर हमला किया, जिसमें तेहरान और नतांज जैसे प्रमुख केंद्र शामिल थे। इस हमले के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमत $75 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत भी $74 प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह वृद्धि वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण हुई।
वैश्विक प्रतिक्रिया और आपूर्ति की चिंताएँ
अमेरिका ने इजरायल के हमले में अपनी भागीदारी से इनकार किया है, लेकिन ईरान ने क्षेत्रीय तनावों को बढ़ाते हुए 100 से अधिक ड्रोन इजरायल की ओर लॉन्च किए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करता है या तेल बुनियादी ढांचों पर हमला करता है, तो वैश्विक आपूर्ति में प्रति दिन 2 मिलियन बैरल तक की कमी हो सकती है।
निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की अस्थिरता
तेल की कीमतों में इस वृद्धि के साथ, निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है, जिससे सोने की कीमतों में भी 1% की वृद्धि देखी गई है। वहीं, वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट आई है, और तेल कंपनियों के शेयरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
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