Hajj 2025 Update: हज 2025 की शुरुआत 4 जून से हो चुकी है। जानें हज का इतिहास, पहली हज यात्रा किसने की थी, और हज से जुड़ी महत्वपूर्ण रस्में और धार्मिक महत्व।
Hajj 2025 Update: इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र स्तंभों में से एक हज यात्रा की शुरुआत इस साल 4 जून 2025 से हो गई है। हर साल दुनियाभर के करोड़ों मुस्लिम इस आध्यात्मिक यात्रा के लिए मक्का और मदीना का रुख करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हज की पहली यात्रा कब और किसने की थी? चलिए जानते हैं हज यात्रा का इतिहास, इसकी धार्मिक महत्ता और इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्य।
हज क्या है और इसका महत्व क्यों है?
हज इस्लाम धर्म के पांच स्तंभों (Five Pillars of Islam) में से एक है और हर सक्षम मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार इस यात्रा को पूरा करना फर्ज माना गया है। इस यात्रा के दौरान तीर्थयात्री पवित्र काबा की परिक्रमा करते हैं, जिसे “तवाफ” कहा जाता है, और फिर मीना, अराफात और मुजदलिफा जैसे पवित्र स्थलों पर धार्मिक रीतियां पूरी करते हैं।
Hajj 2025 की यात्रा शुरू
4 जून 2025 से हज 2025 की यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। लाखों श्रद्धालु मक्का में एकत्रित होकर अल्लाह के प्रति अपनी आस्था और भक्ति प्रकट कर रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी दुनियाभर से लाखों मुस्लिम तीर्थयात्री हज में भाग लेने पहुंचे हैं।
पहली हज यात्रा कब हुई थी?
इतिहास के अनुसार, पहली आधिकारिक हज यात्रा 632 ईस्वी में पैगंबर मुहम्मद (PBUH) ने की थी। यह उनके जीवन की एकमात्र हज यात्रा थी और इसे “हजतुल विदा” (Farewell Pilgrimage) के नाम से जाना जाता है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने हज से जुड़ी तमाम रस्मों और धार्मिक प्रक्रियाओं को स्थापित किया।
इस्लामिक स्क्रिप्चर्स के अनुसार, हज की रस्में हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के समय से चली आ रही हैं, जो लगभग 4,000 साल पुरानी मानी जाती हैं।
हज की प्रमुख रस्में क्या हैं?
तवाफ – काबा की सात बार परिक्रमा
सई – सफा और मरवा की पहाड़ियों के बीच दौड़
मीना और अराफात में ठहराव
शैतान को कंकड़ मारना (रमी जमरात)
कुर्बानी देना
बाल कटवाना (हलाक)
दुनियाभर से तीर्थयात्रियों की भागीदारी
2019 में, हज यात्रा में करीब 25 लाख मुस्लिम तीर्थयात्रियों ने भाग लिया था। इसमें से 59% एशियाई देशों से थे
- पाकिस्तान: 12%
यमन: 10%
भारत: 9.8%
सूडान: 5.8%
बांग्लादेश: 4.3%
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारत और एशियाई देशों से सबसे ज्यादा हाजी हज में हिस्सा लेते हैं।
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