Indian Stock Market: खेमानी ने कहा कि बाजार की ऊंचाई पर रिटेल इन्वेस्टर्स ने अपने पोर्टफोलियो में 40 से 50 प्रतिशत का नुकसान देखा है। हालाँकि, इंडेक्स ने लगभग 20% का करेक्शन देखा है।
Indian Stock Market: ट्रंप के टैरिफ के बाद भारतीय शेयर बाजार ने निचले स्तर को छूकर अब पूरी तरह से रिकवरी की है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय बाजार इसी वित्त वर्ष नई ऊंचाइयों को भी छू सकता है। कारनेलियन एसेट एडवाइज्स के फाउंडर विकास खेमानी का ऐसा मानना है। द वेल्थ फॉर्मूल शो में खेमानी ने ये बात कही। टैरिफ से जुड़े जोखिमों और क्रूड ऑयल की कीमतों में अस्थिरता जैसे वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, उन्होंने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में निवेश का मामला मजबूत बना हुआ है।
खेमानी ने कहा कि अब बाजार बुरे दिनों से उबर चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने विपरीत परिस्थितियों में भी कहा था कि निफ्टी का 22 हजार के स्तर से नीचे जाना मुश्किल है क्योंकि इस स्तर से वैल्यूएशन हमारे फेवर में आने लगता है और चिंताएं काफी कम हो जाती हैं।
बाजार कर चुका बॉटम आउट
खेमानी ने कहा कि वर्तमान क्वार्टर के परिणाम सामान्य रहेंगे। यानी न बहुत अच्छी न बहुत बुरी। उनका कहना था कि कोई बहुत बड़ी उम्मीद नहीं है, लेकिन ये भी बहुत बड़ा नुकसान नहीं होने वाला है। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि जून तिमाही में टैरिफ और इन्वेंटरी घाटे की वजह से कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
लेकिन सितंबर तिमाही से अर्निंग्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। खेमानी ने कहा कि भारत की स्थिति न्यूट्रस से थोड़ी पॉजिटिव है, हालांकि अमेरिका ने कच्चे तेल और टैरिफ की अस्थिर कीमतें लगाई हैं। खेमानी ने कहा कि भारत को नुकसान केवल तभी हो सकता है जब उसका टैरिफ रेट चीन, वियतनाम या मैक्सिको से अधिक होगा, जो फिलहाल संभव नहीं लगता।
खेमानी ने कहा कि जो रिटेल इन्वेस्टर्स बाजार की ऊंचाई पर आए थे, उनके पोर्टफोलियो में 40 से 50 प्रतिशत का नुकसान होगा। हालाँकि, इंडेक्स ने लगभग 20% का करेक्शन देखा है।
रिटेल निवेशकों का आत्मविश्वास कम
यही कारण है कि रिटेल निवेशकों का आत्मविश्वास गिर गया है। लेकिन अनुभवी निवेशक पूंजी लगाते हैं और इस गिरावट को मौके के रूप में देखते हैं। खेमानी ने कहा कि मेरी राय में ये एक बेहतरीन विंटेज बनने वाला है। भारत की विकास कहानी दुनिया की सबसे बड़ी वैश्विक विकास कहानी बन गई है। खेमानी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती की है और ये कटौती आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। उन्हें लगता है कि बैंकिंग क्षेत्र इस साल बाजार की रैली की अगुवाई करेगा और बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
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