मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: स्वतंत्रता के बाद मध्यप्रदेश को पहली बार रेलवे सुविधाओं के लिए बड़ी धनराशि दी गई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को हाल ही में पेश किए गए केन्द्रीय बजट में रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपये देने के लिए धन्यवाद दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद मध्यप्रदेश को रेलवे विकास के लिए इतनी अधिक धनराशि दी गई है। केन्द्रीय रेल मंत्री ने मध्यप्रदेश में पूरी तरह से रेल विद्युतीकरण होने पर खुशी व्यक्त की है। मध्य प्रदेश रेल मंत्रालय से पूरी तरह सहयोग कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले वर्ष इंदौर-मनमाड रेल लाइन और इंदौर से दाहोद गुजरात तक धार होकर जाने वाली दो रेल परियोजनाओं की मंजूरी हुई है। मध्यप्रदेश के लोगों को हर समय सभी दिशाओं में रेल नेटवर्क, यात्रियों के लिए माल भाड़े की सुविधा, रेलवे ब्रिजों और स्टेशनों की सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ रेल बजट 2025 से 26 तक यात्री सुविधाओं के विस्तार में वरदान साबित होगा। रेलवे बजट इस वर्ष मध्य प्रदेश को बहुत अच्छा मिला है। इस बजट से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और रेलवे नेटवर्क बढ़ेगा। मध्यप्रदेश में रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार से आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। मैं प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव को इसके लिए दिल से धन्यवाद देता हूँ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के रेल बजट, जो 2025 से 26 तक जारी किया गया है, में अभूतपूर्व सौगातें दी गई हैं। इस बजट में भारी भरकम बजटीय आवंटन, 14,745 करोड़ रुपये, राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि रेल बजट 2025–26 में 31 नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 5,869 किलोमीटर है और 1,04,987 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बेहतर रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
80 रेलवे स्टेशन अमृत स्टेशन की तरह बनेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में 80 स्टेशनों को यात्रियों की सुविधा के लिए ‘अमृत स्टेशन’ बनाने के लिए 2,708 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अकौड़िया, आमला, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, ब्यावरा, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासौदा, घोड़ाडोंगरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा, कटनी साउथ, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनपुर जंक्शन, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्ना, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची, संत हिरदाराम नगर, सतना, सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन शामिल हैं।
रानी कमलापति, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को 1,950 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में रेलवे सुरक्षा में भी बड़ी प्रगति हुई है। “कवच” तकनीक से 3,572 किलोमीटर रेलवे मार्ग पर सुरक्षा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,422 किलोमीटर पर काम चल रहा है। यह तकनीक यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाकर ट्रेन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं को कम करेगी। मध्यप्रदेश में विद्युतीकरण में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अब मध्यप्रदेश 100 प्रतिशत विद्युतीकृत राज्य है, जिसमें 2,808 किलोमीटर का रेलवे निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, राज्य ने 2,456 किलोमीटर (डेनमार्क का पूरा रेल नेटवर्क) नई पटरी बनाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो राज्य के चौबीस जिलों को जोड़ते हैं और इन जिलों में 18 स्टेशन हैं. इससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए 408 स्टेशनों पर वाई-फाई, 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर हैं।
For more news: MP


