एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर पहली घोषणा हो सकती है। सरकार ने पहले से ही एयरपोर्ट्स और एयरलाइन सेवाओं में व्यापक निवेश करने की योजना बनाई है।
भारत का विमानक्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, और आगामी बजट 2025–26 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट पेश करने की उम्मीद है, जिसमें एविएशन क्षेत्र के लिए कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी। हम इस रिपोर्ट में ऐसी घोषणाओं पर चर्चा करेंगे जो इस क्षेत्र को बदल सकती हैं और शेयर बाजार पर भी असर डाल सकती हैं।
क्या घोषणाएं हो सकती हैं?
एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर पहली घोषणा हो सकती है। सरकार ने पहले से ही एयरपोर्ट्स और एयरलाइन सेवाओं में व्यापक निवेश करने की योजना बनाई है। नए एयरपोर्टों और मौजूदा एयरपोर्टों के विस्तार में भी यह निवेश लागू होगा। इससे घरेलू और विदेशी उड़ानों की संख्या बढ़ेगी।
नए एयरलाइंस के लाइसेंस को लेकर दूसरी घोषणा हो सकती है। दरअसल, सरकार नए एयरलाइंस को लाइसेंस देने पर विचार कर रही है, जिससे कंपटीशन और बेहतर सेवाएं यात्रियों को मिलेंगी। इससे मौजूदा एयरलाइंस को भी अपनी सेवा को बेहतर बनाने का विचार करना होगा।
साथ ही विमानन ईंधन पर टैक्स छूट का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इससे एयरलाइन्स की संचालन लागत कम होगी, जो उनकी टिकट कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखेगा।
तकनीक और सुरक्षा पर चौथी घोषणा हो सकती है। बजट में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए धन की घोषणा की जा सकती है। इससे हवाई जहाज की सुरक्षा और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।
5वीं घोषणा डिजिटलीकरण और स्मार्ट एयरपोर्ट्स के बारे में हो सकती है। दरअसल, सरकार स्मार्ट एयरपोर्ट्स के निर्माण पर जोर दे सकती है जो डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हैं। इससे यात्रियों को आसान यात्रा मिलेगी।
शेयर बाजार पर प्रभाव
एविएशन क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों पर इन संभावित घोषणाओं का सीधा असर पड़ सकता है। बजट में सकारात्मक घोषणाएं होने पर कंपनियों जैसे इंडिगो, स्पाइसजेट और एअर इंडिया के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि विमानन ईंधन पर टैक्स छूट देने से एयरलाइंस का लाभ बढ़ सकता है।
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