39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मेजबान के रूप में दोपहर भोज में शिरकत कर देश-विदेश से आए शिल्पकारों और अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
दोहर भोज कार्यक्रम में देश-विदेश से आए कलाकारों से मिले मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मेजबान आयोजित दोपहर भोज कार्यक्रम में शिरकत कर देश-विदेश से आए शिल्पकारों और विशिष्ट अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की समृद्ध कला, संस्कृति और हस्तशिल्प परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सूरजकुंड मेला न केवल शिल्पकारों को मंच देता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान भी दिलाता है।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मेले में आए विभिन्न राज्यों और देशों के शिल्पकारों से मुलाकात कर उनके कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन शिल्पकारों के लिए नए अवसर खोलते हैं और स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार शिल्प और हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि कारीगरों की कला को सम्मान और उचित बाजार मिल सके। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला इसी दिशा में एक सशक्त मंच है, जहां संस्कृति, परंपरा और रोजगार के अवसर एक साथ मिलते हैं।
दोपहर भोज के दौरान अतिथियों ने मेले की व्यवस्था और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी सराहना की। आयोजन का उद्देश्य न केवल अतिथियों का स्वागत करना था, बल्कि शिल्पकारों और कलाकारों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाना भी था।


