फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर महोत्सव का 15 फरवरी को भव्य समापन होगा। समापन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे और शिल्पकारों व कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।
फरीदाबाद में 31 जनवरी से चल रहा 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर महोत्सव अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। यह विश्व प्रसिद्ध आयोजन 15 फरवरी (रविवार) को एक भव्य और गरिमामय समारोह के साथ संपन्न होगा। समापन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
पर्यटन निगम हरियाणा और मेला प्रशासन ने समापन समारोह को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोजन स्थल सूरजकुंड में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, अतिथि सत्कार, मंच संचालन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सुचारू आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं, ताकि देश-विदेश से आए मेहमानों और दर्शकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
15 फरवरी को दोपहर 3 बजे आयोजित होने वाले इस समापन समारोह में देश और विदेश से आए शिल्पकारों, हस्तशिल्प विशेषज्ञों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान पारंपरिक शिल्प, लोक कलाओं के संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति कृतज्ञता स्वरूप दिया जाएगा।
इस वर्ष के सूरजकुंड महोत्सव में विभिन्न राज्यों और देशों की संस्कृति, कला और हस्तशिल्प की झलक देखने को मिली, जिसने लाखों पर्यटकों को आकर्षित किया। रंग-बिरंगे स्टॉल, लोक नृत्य, संगीत प्रस्तुतियां और पारंपरिक व्यंजन इस मेले की खास पहचान बने रहे।
आयोजकों के अनुसार, समापन समारोह के दौरान भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष कार्यक्रम रखा गया है, ताकि दर्शकों को एक यादगार अनुभव मिल सके। प्रशासन का कहना है कि यह महोत्सव न केवल हस्तशिल्प और लोक कलाओं के संरक्षण का मंच है, बल्कि कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी कला को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।
कुल मिलाकर, 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर महोत्सव का यह समापन समारोह संस्कृति, कला और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ एक भव्य समापन की ओर बढ़ रहा है।


